कौशांबी : जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक मंगलवार को उदयन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी और खंड शिक्षाधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में और सुधार लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जर्जर विद्यालयों एवं भवनों के ध्वस्तीकरण और नीलामी की प्रगति की जानकारी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से ली। अभी तक 18 विद्यालयों व भवनों में ध्वस्तीकरण अथवा नीलामी की कार्रवाई लंबित मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्रवाई को शीघ्र पूरा कराया जाए।
विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान चायल, मूरतगंज और नेवादा विकासखंड में छात्र उपस्थिति कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
डीएम ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं खंड शिक्षाधिकारियों से कहा कि परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ अन्य सभी व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए। विद्यालयों में निपुण तालिका नियमित रूप से अपडेट रखने और बच्चों से कार्यपुस्तिका भरवाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।
विद्यालयों की साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिया कि सफाई कर्मियों के माध्यम से विद्यालयों में प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए। इसके अलावा जिन विद्यालयों में अभी विद्युत कनेक्शन नहीं हुआ है, वहां जल्द कनेक्शन की कार्रवाई पूरी कराने को कहा।
उन्होंने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को अधीक्षण अभियंता विद्युत से समन्वय स्थापित कर 24 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को शिफ्ट कराने की कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
