कौशाम्बी: राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदाता सम्मान कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक दीपनारायण मिश्र को सम्मानित किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. पंकज तिवारी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। शिक्षक द्वारा अब तक 20 से अधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद की गई है। उनके इस सामाजिक योगदान को कार्यक्रम में सराहा गया।
शिक्षक दीपनारायण मिश्र ने नियमित स्वैच्छिक रक्तदान को अपने सामाजिक दायित्व का हिस्सा बना लिया है। वह प्रत्येक वर्ष अपनी नौकरी की वर्षगांठ के अवसर पर रक्तदान करने के साथ ही वर्ष में कम से कम दो से तीन बार रक्तदान करने का संकल्प लेकर जरूरतमंदों की मदद करते हैं। उनका मानना है कि रक्तदान ऐसा मानवीय कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने में प्रत्यक्ष रूप से योगदान दिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि उन्हें पहली बार रक्तदान करने की प्रेरणा तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष वर्मा से मिली थी। इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान का सिलसिला शुरू किया और आज तक 20 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं। उनके रक्तदान से कई जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
पिछले वर्ष एक गर्भवती महिला, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ थी, को भी रक्त की आवश्यकता पड़ने पर उनके रक्तदान से समय पर रक्त उपलब्ध हो सका। इससे महिला की जान बचाने में मदद मिली। इस घटना ने उन्हें स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति और अधिक प्रेरित किया।
सम्मान समारोह में स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय संत निरंकारी संस्थान एवं हुसैनी ट्रस्ट करारी को भी सर्वाधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए अधिक से अधिक स्वस्थ लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया गया।
शिक्षक दीपनारायण मिश्र का सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का सम्मान है, बल्कि यह समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने का संदेश है।
