कौशाम्बी : सिराथू तहसील के ननमई गांव में बुधवार को चेहल्लुम का पर्व धार्मिक आस्था, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार गांव में ताजिया जुलूस निकाला गया, जिसमें मातम और नौहाख्वानी के बीच "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं।
ताजिया जुलूस गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। रास्ते भर लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ जुलूस का स्वागत किया। चेहल्लुम के मौके पर आयोजित मजलिस में उलेमा ने कर्बला की महान कुर्बानी का जिक्र करते हुए हजरत इमाम हुसैन के त्याग, सत्य, न्याय और इंसानियत के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कर्बला का पैगाम हर दौर में अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने और मानवता की रक्षा करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आई अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम पेश किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर अकीदतमंदों के लिए शरबत, बिस्किट तथा अन्य खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया।
चेहल्लुम के आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। अधिकारियों की निगरानी में ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई।
