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चित्रों से बच्चों ने बुनी कहानी, खिली कल्पनाओं की उड़ान

बालसभा में चित्र-कहानी गतिविधि से बच्चों ने सीखी सोचने, समझने और अपनी बात कहने की कला

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कौशाम्बी : प्राथमिक विद्यालय बरेठी में शनिवार को बालसभा के अंतर्गत बच्चों की सृजनात्मक क्षमता को निखारने के लिए चित्रकला व चित्र-कहानी गतिविधि कराई गई। सहायक अध्यापिका सुनयना सिंह ने चित्र-कहानी चार्ट के माध्यम से बच्चों को चित्रों के आधार पर कहानी समझने, पढ़ने और अपनी कल्पना से नई कहानी गढ़ने के लिए प्रेरित किया। गतिविधि में बच्चों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग करते हुए अपनी कल्पनाओं को चित्रों और शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

चित्रों के माध्यम से कहानी सुनाते हुए बच्चों से विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए। बच्चों ने स्वयं सोचकर उत्तर दिए और कहानी को अपने तरीके से आगे बढ़ाया। खुले छोर वाले प्रश्नों के माध्यम से उन्हें अपनी सोच और कल्पना व्यक्त करने का अवसर मिला, जबकि अन्य प्रश्नों से उनकी समझ को परखा गया। इससे बच्चों में तार्किक क्षमता के साथ आत्मविश्वास भी विकसित हुआ।

रंगीन चित्रों ने बच्चों का ध्यान सहज रूप से अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चे चित्रों और लिखे हुए शब्दों के बीच संबंध स्थापित करते हुए कहानी के क्रम को समझने का प्रयास करते नजर आए। इससे उनकी भाषा समझ, पठन कौशल और अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूती मिली।

सहायक अध्यापिका ने बताया कि चित्र-कहानी छोटे बच्चों के भाषा विकास और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया बच्चों को सहज लगती है और वे बिना किसी दबाव के गतिविधियों में भाग लेते हैं। बालसभा में इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों की कल्पनाशक्ति, तार्किक सोच, भाषा कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है।