कौशाम्बी: विकासखंड मूरतगंज के बीआरसी परिसर में चल रहे पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) शिक्षक प्रशिक्षण का शनिवार को स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) डा. ओम प्रकाश सिंह ने औचक अनुश्रवण किया। इस दौरान सभी शिक्षक व प्रशिक्षक शत-प्रतिशत उपस्थित मिले और गंभीरता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करते पाए गए।
अनुश्रवण के दौरान डा. ओम प्रकाश सिंह ने प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों व शिक्षामित्रों से प्रशिक्षण के सीखने के परिणामों की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर शिक्षकों से अपने समक्ष प्रस्तुतिकरण भी कराया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं गतिविधियों का विद्यालयों में प्रभावी ढंग से प्रयोग हो।
डा. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसका कक्षा-कक्ष में प्रभावी क्रियान्वयन करना है। टीएलएम, शिक्षक संदर्शिका, कार्यपुस्तिका, निपुण तालिका और आकलन आधारित शिक्षण का नियमित उपयोग कर प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने की दिशा में कार्य करना शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भाषा एवं गणित शिक्षण में तकनीकी समन्वय अपनाने व गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों के मन से कठिन विषयों का भय दूर करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सहज एवं रुचिकर शिक्षण से बच्चों में गणितीय दक्षताओं के साथ-साथ सीखने के प्रति रुचि भी विकसित होगी। प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकों को विद्यालयों में लागू करने से बच्चों के बौद्धिक एवं अकादमिक विकास को गति मिलेगी।
इस अवसर पर संदर्भदाता एआरपी नरेश कुमार, प्रशांत त्रिपाठी, व्योमेश मिश्र और शशिकला प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। बीआरसी परिवार से आलोक द्विवेदी, राहुल पांडेय, दिलीप कुमार वर्मा, जिशान मतलूब, धर्मेंद्र मौर्य, श्यामल सिंह और कृष्ण प्रताप सिंह सहित क्षेत्र के शिक्षक एवं कार्मिक मौजूद रहे। एसआरजी के औचक अनुश्रवण से प्रशिक्षण में जुटे शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला।
