कौशाम्बी : iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर निर्धारित दो अनिवार्य पाठ्यक्रमों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने विकासखंडों के सभी विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों का पोर्टल पर पंजीकरण व प्रोफाइल अद्यतन कराते हुए छह अक्टूबर को निर्धारित दोनों अनिवार्य पाठ्यक्रम हर हाल में पूर्ण कराएं।
बीएसए ने कहा कि iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि शिक्षकों व कार्मिकों के निरंतर क्षमता संवर्धन और व्यावसायिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए निर्धारित पाठ्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सभी संबंधित कार्मिकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय से संबंधित कार्मिकों की पाठ्यक्रम पूर्णता की स्थिति की नियमित समीक्षा करें। जिन कार्मिकों ने अभी तक पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं किए हैं, उनसे तत्काल संपर्क कर उसी दिन प्रशिक्षण पूरा कराया जाए। बीएसए ने शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए प्रशासनिक प्रभाव के साथ अनुश्रवण और समीक्षा पर विशेष जोर दिया।
एसआरजी और एआरपी भी निभाएं सक्रिय भूमिका
बीएसए ने समस्त एसआरजी और एआरपी को भी स्वयं iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर निर्धारित पाठ्यक्रम पूर्ण करने और अपने-अपने विकासखंडों के संबंधित कार्मिकों को प्रशिक्षण पूरा कराने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी, एसआरजी, एआरपी और विद्यालय स्तर के कार्मिक सामूहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी कार्मिक अनिवार्य प्रशिक्षण से वंचित न रहे।
iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर निर्धारित दोनों अनिवार्य पाठ्यक्रम सभी संबंधित कार्मिक छह अक्टूबर को ही पूर्ण करें। खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी और एआरपी इसकी लगातार समीक्षा करें। प्रशिक्षण की शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए सभी अधिकारी और कार्मिक टीम भावना के साथ जिम्मेदारी निभाएं। प्रशिक्षण शिक्षकों के निरंतर क्षमता संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डा. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौशांबी