कौशांबी : उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, कौशांबी के बैनर तले शनिवार को शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई को 'काला दिवस' के रूप में मनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे और वर्षों से लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि प्रदेश के शिक्षामित्र विगत 26 वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। शासन द्वारा मूल विद्यालय वापसी एवं महिला शिक्षामित्रों के पति के निवास स्थान के निकट स्थानांतरण के संबंध में आदेश जारी किए जाने के बावजूद अधिकांश जनपदों में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे अनेक शिक्षामित्र प्रतिदिन 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचने को विवश हैं। उन्होंने शासन से संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की।
ज्ञापन में टीईटी उत्तीर्ण एवं एनसीटीई मानक पूर्ण करने वाले शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी से छूट देकर समायोजित करने, विभागीय टीईटी परीक्षा में शामिल करने, सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने, वर्ष में 12 माह का मानदेय देने तथा असामयिक निधन की स्थिति में आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
इस अवसर पर शिक्षामित्रों ने कहा कि 25 जुलाई उनके संघर्ष, पीड़ा और न्याय की उम्मीद का प्रतीक है। वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता के साथ उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष सतीश तिवारी, जिला महामंत्री इरशाद अहमद, जिला मीडिया प्रभारी वीरेन्द्र केसरवानी, जिला संगठन मंत्री मोहम्मद इरफान, जिला उपाध्यक्ष बिहारी लाल, देवनाथ, रामअभिलाष, आशाकांत शुक्ल, जिला मंत्री मारूफ अहमद, धनंजय ओझा, जिला संयुक्त मंत्री वलवंत, जिला कोषाध्यक्ष नथन लाल सरोज सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
