कौशाम्बी : जनपद कौशांबी के शिक्षा जगत के लिए गुरुवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। शैक्षिक प्रशासन में नवाचार, दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावी अनुश्रवण और उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित NIEPA पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय मंच पर मिले इस सम्मान से कौशांबी के शिक्षा विभाग में हर्ष का माहौल है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA) की ओर से एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन में इनोवेशन और अच्छे तौर-तरीकों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन व अवार्ड समारोह का आयोजन तीन सितंबर को किया गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित लगभग 84 अधिकारियों को पुरस्कार व प्रशस्ति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. जे.एस. राजपूत, पूर्व निदेशक NCERT रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता NIEPA के चांसलर प्रो. रामा शंकर दुबे ने की। पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारियों को प्रो. जे.एस. राजपूत का संबोधन विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा।
कार्यक्रम का आयोजन NIEPA की वाइस चांसलर प्रो. शशिकला वंजारी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में हुआ। एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग की हेड प्रो. विनीता सिरोही कार्यक्रम की निदेशक रहीं। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था में सूर्य नारायण मिश्रा व उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कौशांबी की शैक्षिक उपलब्धियों को मिली राष्ट्रीय पहचान
डा. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा को यह सम्मान बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारपूर्ण प्रयासों, प्रभावी अनुश्रवण, गुणवत्तापरक सुधार व परिणामोन्मुखी शैक्षिक प्रशासन के लिए प्रदान किया गया। उनके नेतृत्व में जनपद में बेसिक शिक्षा को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और नवाचार आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान को केवल एक अधिकारी की व्यक्तिगत उपलब्धि न मानकर कौशांबी के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, खंड शिक्षा अधिकारियों और समस्त शैक्षिक परिवार की सामूहिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
पुरस्कार मिलने की सूचना के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों व शिक्षकों ने डा. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों और सकारात्मक बदलावों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला है।
राष्ट्रीय मंच पर कौशांबी का यह सम्मान निश्चित रूप से जनपद के शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा का नया अध्याय है।
