कौशाम्बी: जनपद कौशांबी में परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और शिक्षकों को अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जारी चयन सूची में कंपोजिट विद्यालय महिला के सहायक अध्यापक अनुराग पांडेय का राज्य संदर्भ समूह (एसआरजी) सदस्य के रूप में चयन किया गया है। कंपोजिट विद्यालय महिला जनपद के कौशांबी विकासखंड में स्थित है। उनके चयन से जनपद में एसआरजी सदस्यों की संख्या फिर से पूरी हो गई है।
जनपद में एसआरजी की एक सीट काफी समय से रिक्त चल रही थी। पूर्व में दो एसआरजी सदस्य कार्यरत थे, लेकिन एक पद रिक्त होने के बाद राज्य परियोजना कार्यालय स्तर से नए सदस्य के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत जनपद से उत्कृष्ट शिक्षकों के नाम मांगे गए थे। चयन प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों की शैक्षिक दक्षता, अकादमिक अनुभव और विद्यालयी कार्यों में योगदान को ध्यान में रखा गया। इसके बाद चयनित शिक्षकों का राज्य स्तर पर गठित समिति के समक्ष साक्षात्कार भी कराया गया। सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद कौशांबी से अनुराग पांडेय के चयन की घोषणा की गई।
एआरपी के रूप में भी कर चुके हैं कार्य
अनुराग पांडेय को अकादमिक कार्यों का पूर्व अनुभव भी है। वह इससे पहले नेवादा विकासखंड में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के पद पर कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने, बच्चों की शैक्षिक प्रगति में सुधार और अकादमिक गतिविधियों के संचालन में सहयोग प्रदान किया। एआरपी के रूप में उनके अनुभव को भी एसआरजी चयन में उपयोगी माना जा रहा है।
शिक्षकों को मिलेगा अकादमिक सहयोग
एसआरजी के रूप में अनुराग पांडेय की जिम्मेदारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों को आवश्यक अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराने की होगी। वह विद्यालयों का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करेंगे और शिक्षकों के साथ मिलकर शिक्षण की चुनौतियों, बच्चों की सीखने की क्षमता तथा कक्षा-कक्ष की गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए कार्य करेंगे। साथ ही शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों और प्रभावी अकादमिक गतिविधियों के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
निपुण भारत मिशन में भी निभाएंगे भूमिका
एसआरजी सदस्य के रूप में अनुराग पांडेय निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेष रूप से कक्षा एक से तीन तक के बच्चों में बुनियादी भाषा एवं गणितीय दक्षताओं के विकास, निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति और शिक्षकों को अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। विद्यालयों में चल रही शैक्षिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए भी एसआरजी स्तर से सहयोग दिया जाएगा।
चयनित एसआरजी सदस्य को एक वर्ष के लिए पद पर कार्य करने की अनुमति दी गई है। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से नवचयनित एसआरजी सदस्यों के लिए शीघ्र ही राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें उनकी जिम्मेदारियों और अकादमिक कार्यों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा।
जनपद में एसआरजी का एक और पद भरे जाने से शिक्षकों को अकादमिक सहयोग मिलने के साथ ही विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने अनुराग पांडेय के चयन पर शिक्षकों ने खुशी जताते हुए इसे जनपद के लिए उपलब्धि बताया है।
