कौशाम्बी: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से सिराथू तहसील क्षेत्र के तरसौरा गांव की कछार में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। बाढ़ का पानी खेतों में भरने से धान, शकरकंद, लौकी, परवल समेत विभिन्न फसलों के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में शनिवार के अंक में प्रकाशित खबर के बाद तहसील प्रशासन सक्रिय हुआ। राजस्व टीम ने गांव पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित फसलों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए क्षति का आकलन किया।
राजस्व टीम में कानूनगो भानु सिंह और लेखपाल प्रतुल मिश्रा ने प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर खेतों में भरे बाढ़ के पानी और फसलों की स्थिति देखी। टीम ने किसानों से संपर्क कर जिन खेतों में फसल प्रभावित हुई है, उनका विवरण दर्ज किया। साथ ही किसानों से खतौनी आदि अभिलेख लेकर प्रभावित किसानों के नाम भी सूचीबद्ध किए गए, जिससे फसल क्षति का आंकलन कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जा सके।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण तरसौरा की कछार में लगातार पानी बढ़ रहा है। खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण खड़ी फसलों के सड़ने और खराब होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी नहीं निकला तो फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
इस संबंध में एसडीएम सिराथू पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि गंगा में आई बाढ़ के चलते गंगा के कछारी इलाको में किसानों की जलमग्न फसलों की क्षति का राजस्व टीम से आकलन कराया गया है। प्रभावित किसानों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन के नियमानुसार जो किसान फसल क्षति के लिए पात्र पाए जाएंगे, उन्हें अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
