कौशाम्बी: खगोल भौतिकी के महान वैज्ञानिक स्वर्गीय मेघनाद साहा की जयंती पर मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय उजिहिनी खालसा, विकासखंड मूरतगंज में उनके जीवन और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक के संघर्ष, गरीबी और सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा हासिल कर वैज्ञानिक सोच को विकसित करने की प्रेरणादायी यात्रा से परिचित कराया गया।
लघु फिल्म में बताया गया कि मेघनाद साहा ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और शोध के बल पर खगोल विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके शोध ने तारों के आयनीकरण की प्रक्रिया को समझने के लिए विज्ञान जगत को नई दिशा दी। उनके द्वारा प्रतिपादित आयनीकरण सूत्र को विज्ञान की दुनिया में साहा समीकरण के नाम से जाना जाता है।
विद्यार्थियों को बताया गया कि साहा समीकरण के माध्यम से तारों के स्पेक्ट्रम के अध्ययन में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। इससे तारों के तापमान, उनमें मौजूद रासायनिक तत्वों व तारों के वर्गीकरण को वैज्ञानिक आधार पर समझने में मदद मिली। इस जानकारी से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ी।
विज्ञान शिक्षिका स्वर्णलता हजारी ने मेघनाद साहा के संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और जीवन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। गणित शिक्षक संदीप कुमार शर्मा ने उनके स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े संघर्ष, राजनीतिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियों के बारे में विद्यार्थियों को बताया।
शिक्षकों ने कहा कि ऐसे प्रेरक प्रसंग और लघु फिल्मों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक व गणितीय सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने मेघनाद साहा के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अध्ययन और शोध के महत्व को समझा।
