कौशाम्बी : नेवादा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में गुरुवार को कला और शिक्षा का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय में आयोजित रचनात्मक गतिविधि के दौरान बच्चों ने चिकनी मिट्टी (क्ले) से भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं तैयार कीं। मिट्टी को आकार देते हुए बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
गतिविधि को शिक्षा के जीआरआर मॉडल (I Do, We Do, You Do) के आधार पर कराया गया। सबसे पहले शिक्षिका शैलजा ने स्वयं चिकनी मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाकर बच्चों को पूरी प्रक्रिया समझाई। इसके बाद बच्चों ने शिक्षिका के साथ मिलकर मिट्टी को आकार देना शुरू किया। धीरे-धीरे बच्चों ने अपने कौशल और कल्पना के अनुसार गणेश की अलग-अलग प्रतिमाएं तैयार कीं।
गतिविधि के दौरान विद्यालय का वातावरण उत्साह और उमंग से भर गया। बच्चों ने मिट्टी को गूंथने, आकार देने और प्रतिमा को आकर्षक रूप देने में काफी रुचि दिखाई। खास बात यह रही कि कक्षा में सामान्य तौर पर शांत रहने वाले बच्चे भी इस गतिविधि में सक्रिय होकर शामिल हुए। उन्होंने बिना झिझक अपने हाथों से प्रतिमाएं बनाईं और अपनी रचनात्मकता को सामने रखा।
शिक्षिका शैलजा ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और सीखने के प्रति रुचि विकसित करना है। गतिविधि के माध्यम से बच्चों को यह भी अनुभव कराया गया कि सीखना केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास उपलब्ध सामग्री और गतिविधियों के माध्यम से भी प्रभावी ढंग से सीखा जा सकता है।
