कौशाम्बी: परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को और प्रभावी बनाने व बच्चों को निपुण लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए मंगलवार 15 सितंबर को जिले के न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुल बैठकों का आयोजन किया जाएगा। शासन के निर्देश के क्रम में होने वाली इन बैठकों में शिक्षक अपने विद्यालयों में किए जा रहे शैक्षिक नवाचार, सफल प्रयोग और बच्चों के सीखने में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करेंगे। बैठक दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक आयोजित होगी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए बैठकें अलग-अलग आयोजित की जाएंगी।
बैठक में होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) भरने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन करते हुए उनके ग्रेड निर्धारण की प्रक्रिया को समझाया जाएगा और शिक्षकों से इसका अभ्यास भी कराया जाएगा। इसके साथ ही निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निर्धारित निपुण लक्ष्य की वर्तमान स्थिति, बच्चों के अधिगम स्तर और लक्ष्य प्राप्ति के लिए आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
आईईसी शिक्षण सामग्री के उपयोग पर भी जोर
विद्यालयों में निपुण लक्ष्य व आईईसी शिक्षण सामग्री के प्रदर्शन की स्थिति व उसके बच्चों और अभिभावकों तक पहुंचने की स्थिति साझा की जाएगी। शिक्षकों को विद्यालयों में उपलब्ध संदर्शिका, प्रिंटरिच सामग्री, किट्स, तालिका आदि शैक्षणिक सामग्री का कक्षा शिक्षण में प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
टीएलएम का होगा प्रदर्शन
शिक्षक अपने विद्यालयों में उपलब्ध टीएलएम के प्रयोग की जानकारी देंगे। इसके साथ ही शिक्षकों की ओर से स्वयं तैयार किए गए या कक्षा शिक्षण में प्रभावी पाए गए प्रयोगात्मक टीएलएम का प्रदर्शन किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि एक विद्यालय में किए जा रहे सफल प्रयोगों को अन्य विद्यालयों के शिक्षक भी अपनाकर बच्चों के सीखने को अधिक रुचिकर और प्रभावी बना सकें।
बालवाटिका की गतिविधियों की होगी समीक्षा
बैठक में बालवाटिका के संचालन, गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में विकसित हो रहे सीखने के कौशल, बच्चों की उपस्थिति व मुद्रित सामग्री के उपयोग की स्थिति पर भी चर्चा होगी। शिक्षकों से बालवाटिका के बच्चों के साथ किए जा रहे प्रभावी प्रयोगों और गतिविधियों को साझा करने की अपेक्षा की गई है।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों पर भी चर्चा
आईसीटी और स्मार्ट क्लास के माध्यम से किए जा रहे प्रभावी शिक्षण कार्यों को भी बैठक में प्रमुखता दी जाएगी। शिक्षक अपने विद्यालय में डिजिटल संसाधनों के माध्यम से किए गए किसी नवाचारी शिक्षण प्रयोग का उदाहरण या छोटा प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे अन्य शिक्षक भी तकनीक के प्रभावी प्रयोग के नए तरीकों से परिचित हो सकेंगे।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर
शिक्षक संकुल बैठक में खेलकूद गतिविधियों की भी समीक्षा की जाएगी। स्पोर्ट्स ग्रांट से विद्यालयों को प्राप्त खेल सामग्री, उसके उपयोग और बच्चों के लिए नियमित खेल व शारीरिक शिक्षा गतिविधियों के संचालन की जानकारी साझा की जाएगी। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान, उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए दिए जा रहे अवसर और भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी।
बैठक से पहले तैयारी के निर्देश
शिक्षक संकुलों को बैठक से पहले एजेंडा के बिंदुओं का आपस में विभाजन कर आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बैठक को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर प्रभावी व परिणामपरक बनाया जा सके। बैठक में शिक्षकों से अपने विद्यालय के नवाचार, सफल प्रयोग, टीएलएम और बच्चों के अधिगम में हुए सकारात्मक बदलावों को साझा करने पर विशेष जोर दिया गया है।
शिक्षक संकुल बैठकों में संबंधित अधिकारी, डायट मेंटर, एसआरजी और एआरपी भी प्रतिभाग कर शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शिक्षकों को आवश्यक सहयोग और रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक समाप्त होने के बाद शिक्षक संकुलों को प्रेरणा ऐप पर उपलब्ध डीसीएफ में बैठक आयोजन से संबंधित सूचना भी दर्ज करनी होगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में किए जा रहे अच्छे शैक्षिक प्रयासों को साझा कर उन्हें अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचाना और जनपद में बच्चों के अधिगम स्तर को और बेहतर बनाना है।
शिक्षक संकुल बैठकों का आयोजन निर्धारित एजेंडा के अनुरूप पूरी गंभीरता व प्रभावशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एचपीसी, निपुण लक्ष्य,आईईसी सामग्री,टीएलएम, बालवाटिका,आईसीटी व खेलकूद गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा के साथ विद्यालयों के प्रभावी नवाचारों और उत्कृष्ट प्रयोगों को साझा किया जाए। सभी शिक्षक संकुल बैठक में आवश्यक तैयारी के साथ तथा शिक्षक समय से समय तक प्रतिभाग करें। चिन्हित कमियों के निराकरण के लिए ए.आर. पी. स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विद्यालय स्तर पर प्रभावी शैक्षणिक रणनीति के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित किया जाए और बैठक में लिए गए निर्णयों का अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
डा. कमलेंद्र कुशवाहा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,कौशांबी
