कौशाम्बी: विकासखंड नेवादा के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सोमवार को संभव अभियान 6.0 का शुभारंभ ग्राम प्रधानों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्य सेविका सरिता रानी ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु पोषण को जन-जन तक पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने लोगों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) रेनू वर्मा ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्राम प्रधान एवं सम्मानित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभियान का शुभारंभ कराया जा चुका है। यह अभियान आगामी तीन माह तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, गर्भकाल में वजन वृद्धि की निगरानी, गर्भवती एवं धात्री माताओं को अनुपूरक पुष्टाहार वितरण, धात्री माताओं द्वारा 180 आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन तथा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर चिन्हित गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों के प्रबंधन एवं फॉलोअप, छह माह से कम आयु के बच्चों की वृद्धि निगरानी और पोषण प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जाएगा। सीडीपीओ ने कहा कि जन्म के बाद शुरुआती छह माह में बच्चों का शारीरिक विकास बहुत तेजी से होता है। इस दौरान उचित पोषण और स्वास्थ्य देखभाल नहीं मिलने पर बच्चे कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में हुए कार्यक्रम में मुख्य सेविका सरिता रानी, सुपरवाइजर राधा रानी, प्रधानाध्यापिका सुमन कुशवाहा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री अर्चना शुक्ला, अर्चना सरोज, सहायक अध्यापिका शैलजा, आशा, एएनएम, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
