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नई शिक्षण पद्धतियों से निपुणता की ओर बढ़े कदम, पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शुरू

एफएलएन व नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, स्मार्ट क्लास और निपुण लक्ष्यों पर दिया गया जोर

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कौशाम्बी: राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्या डायट मंझनपुर के मार्गदर्शन तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) कौशाम्बी में एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) एवं नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण तकनीकों से दक्ष बनाकर विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और परिणामोन्मुख बनाना है।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में प्रतिभागी शिक्षकों को कैच-अप शिक्षण, बालवाटिका से कक्षा पांच तक के निपुण लक्ष्य, कक्षा चार की नई पाठ्यपुस्तक 'वीणा', गणित मेला, शिक्षक डायरी, स्मार्ट क्लास, निपुण तालिका, पुस्तकालय और कार्यपुस्तिका के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने गतिविधि आधारित सत्रों के माध्यम से बताया कि शैक्षिक संसाधनों का रचनात्मक उपयोग बच्चों में सीखने की रुचि और जिज्ञासा बढ़ाने के साथ कक्षा शिक्षण को अधिक सहभागी एवं आनंददायक बनाता है।

प्रशिक्षण में पुस्तकालय के नियमित उपयोग, बाल-केंद्रित शिक्षण, नवाचारों को अपनाने तथा प्रभावी कक्षा संचालन पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए प्रत्येक शिक्षक को नवाचारी शिक्षण रणनीतियों को नियमित रूप से अपनाना होगा। प्रतिभागी शिक्षकों ने भी प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को अपने विद्यालयों में लागू कर शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।

खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षित और दक्ष शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत आधारशिला होते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से प्रशिक्षण में सीखी गई विधियों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने तथा प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के सफल संचालन में जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) धर्मनाथ का विशेष सहयोग रहा। एलएलएफ टीम से मोहम्मद शादाब ने संदर्भदाता के रूप में प्रशिक्षण दिया। वहीं एआरपी टीम कौशाम्बी के अनिल कुमार सिंह, अजीत कुमार शुक्ला, पुष्पेंद्र सिंह, ओम नारायण साहू एवं कृष्ण प्रकाश सिंह ने प्रशिक्षण को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।