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पूरक पोषाहार से बनी पौष्टिक रेसिपी ने जीता सबका मन

कुपोषण प्रबंधन पर दिया जोर, गर्भवती, धात्री महिलाओं व बच्चों तक पौष्टिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार के निर्देश

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कौशाम्बी। बाल विकास परियोजना मंझनपुर की ओर से सोमवार को ब्लॉक परिसर में पूरक पोषाहार से बनी पौष्टिक रेसिपी प्रतियोगिता सह बैठक का आयोजन किया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने विभाग से प्राप्त पुष्टाहार सामग्री का उपयोग कर हलवा, लड्डू, बर्फी, खिचड़ी, बिस्किट, पिज्जा और दलिया समेत विभिन्न पौष्टिक व्यंजन तैयार कर प्रस्तुत किए। अधिकारियों एवं अतिथियों ने सभी रेसिपी का अवलोकन कर उनके स्वाद और पोषण गुणवत्ता की सराहना की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि हुबलाल दिवाकर, एडीओ पंचायत कमलाकांत, जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव, आरबीएसके चिकित्सक डॉ. अरुण केशरवानी, बाल विकास परियोजना अधिकारी रामेश्वर पाल, सीएम फेलो सौम्या अवस्थी सहित मंझनपुर एवं शहर क्षेत्र की मुख्य सेविकाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।

अतिथियों ने पुष्टाहार से तैयार रेसिपी का स्वाद चखा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन पौष्टिक व्यंजनों का अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषाहार के बेहतर उपयोग की जानकारी मिल सके। उत्कृष्ट रेसिपी प्रस्तुत करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन भी किया गया।

एसएएम बच्चों की पहचान पर जोर

जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने कुपोषण प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में गंभीर कुपोषित (एसएएम) बच्चों की पहचान एमयूएसी टेप तथा वजन-लंबाई अनुपात के आधार पर की जा रही है। ऐसे बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 14 दिन का निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस दौरान मां के रहने-खाने के साथ यात्रा भत्ते की सुविधा भी दी जाती है।

उन्होंने बताया कि मध्यम कुपोषित (एमएएम) बच्चों का प्रबंधन आंगनबाड़ी केंद्र पर ही टेक होम राशन, पौष्टिक रेसिपी, गृह भ्रमण और परामर्श के माध्यम से किया जा रहा है। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने तथा जरूरत पड़ने पर एनआरसी रेफरल में सहयोग कर रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में बाल विकास परियोजना अधिकारी रामेश्वर पाल ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आभार व्यक्त किया।