Education
🔴 Breaking

शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों को पुरानी पेंशन देने की मांग

उपमुख्यमंत्री से मिले संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के पदाधिकारी, शेष 28 जिलों में विकल्प पत्र भरवाने के आदेश का किया अनुरोध

70 views

प्रयागराज : शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित किए जाने की मांग को लेकर संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को प्रयागराज के सर्किट हाउस में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में मंडल अध्यक्ष प्रयागराज रमेश चंद्र सेन एवं अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री से पुनः चर्चा की और समाधान की मांग रखी।

मंडल अध्यक्ष रमेश चंद्र सेन ने बताया कि शिक्षामित्र के रूप में सेवा के दौरान शिक्षकों ने विद्यालयों का संचालन करने के साथ शिक्षण कार्य तथा सरकार की ओर से सौंपे गए विभिन्न दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। इनमें बीएलओ ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी, जनगणना, बाल गणना समेत अन्य विभागीय कार्य शामिल रहे। बाद में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित होने के बाद भी शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य के साथ विभिन्न शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र के रूप में की गई पूर्व सेवा के अनुभव को जोड़कर शिक्षक नियमित सेवा में आए हैं। ऐसे में उनकी पूर्व सेवा अवधि को सेवा में शामिल करते हुए उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। संघ की ओर से बताया गया कि अब तक 47 जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से विकल्प पत्र जमा कराए जा चुके हैं, जबकि शेष 28 जिलों में अभी तक इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुआ है।

संघ के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि शेष 28 जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि वहां के शिक्षक भी विकल्प पत्र भरकर जमा कर सकें। साथ ही विकल्प पत्र जमा होने के बाद जीपीएफ कटौती शुरू कराते हुए शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

रमेश चंद्र सेन ने पेंशन नियमावली 1961 के नियम 3(8) का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी ने विभाग में अस्थायी या संविदा के आधार पर सेवा की हो और बाद में उसी विभाग में किसी पद पर नियमित नियुक्ति होती है तो नियमानुसार उसकी पूर्व सेवा को जोड़कर पेंशन संबंधी लाभ दिए जाने का प्रावधान है। इसी आधार पर शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों की पूर्व सेवा को जोड़कर पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने की मांग की गई।

मामले पर उपमुख्यमंत्री ने संघ के पदाधिकारियों को धैर्य बनाए रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय में उन्हें जानकारी है और शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों को पुरानी पेंशन से आच्छादित किए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही शेष जिलों में भी विकल्प पत्र भरवाने की प्रक्रिया शुरू होगी और शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल सकेगा।