कौशाम्बी: शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला हैं। उनके ज्ञान, समर्पण और संस्कारों से ही विद्यार्थियों का भविष्य आकार लेता है। इसी भावना के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उदयन सभागार, मंझनपुर में भव्य शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के प्रत्येक विकासखंड से चयनित 15-15 उत्कृष्ट शिक्षकों सहित कुल 120 शिक्षकों को उनके बेहतर शिक्षण कार्य, नवाचार और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर तथा विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा रहीं। कार्यक्रम में सिराथू के पूर्व विधायक शीतला प्रसाद पटेल, चायल के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, वीरेन्द्र सरोज (फौजी) सहित शिक्षा विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों, अधिकारियों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षक दिवस संबोधन का सजीव प्रसारण देखा। मुख्यमंत्री के संबोधन में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर जोर दिया गया।
बीएसए की राष्ट्रीय उपलब्धि पर गौरवान्वित हुआ जनपद
समारोह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा की राष्ट्रीय उपलब्धि का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए), नई दिल्ली की ओर से उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षिक प्रबंधन एवं नवोन्मेष के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी गई। वक्ताओं ने कहा कि यह उपलब्धि कौशाम्बी के लिए गौरव का विषय है। इससे जनपद के शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग और बेहतर प्रबंधन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
राष्ट्रीय व राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन
समारोह में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर जनपद का गौरव बढ़ाने वाली शिक्षिकाओं का भी विशेष अभिनंदन किया गया। नई दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाली शिक्षिका शालिनी कुशवाहा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुमन कुशवाहा को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने दोनों शिक्षिकाओं की उपलब्धियों को अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
नवाचार और समर्पण के लिए मिला सम्मान
जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 120 उत्कृष्ट शिक्षकों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिक्षकों ने विद्यालयों में बच्चों की रुचि के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, नवाचार के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने में योगदान दिया है। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरे पर खुशी और उत्साह दिखाई दिया।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन, रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों का सीधा लाभ विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता पर पड़ता है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लिया संकल्प
समारोह में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में जनपद की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे गुणात्मक सुधारों की सराहना की गई। अधिकारियों और अतिथियों ने शिक्षकों से विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, समावेशी शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
अंत में सभी शिक्षकों ने प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने, गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने तथा अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया। राष्ट्रगान के साथ शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय समापन हुआ।

