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सक्षम-समर्थ प्रशिक्षण से प्रधानाध्यापकों में विकसित हो रहा प्रभावी नेतृत्व

डायट में प्रशिक्षण के विभिन्न चरण जारी, मानसिक स्वास्थ्य एवं वेल-बीइंग पर विशेषज्ञ ने दिए उपयोगी टिप्स

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कौशाम्बी : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), मंझनपुर में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की नेतृत्व क्षमता, शैक्षिक दक्षता और विद्यालय प्रबंधन कौशल को मजबूत करने के लिए सक्षम एवं समर्थ प्रशिक्षण के विभिन्न चरणों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रधानाध्यापकों को प्रभावी शैक्षिक नेतृत्व के लिए आवश्यक व्यवहारिक दक्षताओं से लैस करते हुए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण उप शिक्षा निदेशक एवं प्राचार्य डायट निधि शुक्ला के निर्देशन तथा वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।

प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए आयोजित सक्षम प्रशिक्षण का छठा चरण 16 से 18 सितंबर तक चला। शुक्रवार को इसका समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रधानाध्यापकों को विद्यालय नेतृत्व, शैक्षिक एवं प्रशासनिक प्रबंधन, शिक्षक सहयोग एवं मार्गदर्शन, प्रभावी कक्षा संचालन तथा विद्यार्थियों की अधिगम आवश्यकताओं की पहचान जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालय में सकारात्मक, सुरक्षित और बाल-केंद्रित वातावरण विकसित करने के लिए व्यवहारिक रणनीतियों पर चर्चा हुई।

प्रशिक्षण में प्रधानाध्यापकों को विद्यालय को केवल प्रशासनिक इकाई के रूप में संचालित करने के बजाय प्रभावी शिक्षण-अधिगम केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। विद्यालय की शैक्षिक योजना तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, शिक्षकों के साथ सहयोगात्मक कार्यसंस्कृति विकसित करने तथा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए विद्यालय आधारित कार्ययोजना तैयार करने की जानकारी दी गई।

छूटे प्रधानाध्यापकों को मिलेगा प्रशिक्षण

सक्षम प्रशिक्षण का अगला चरण 19 से 22 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसमें विकासखंड कौशांबी के प्रधानाध्यापकों के साथ ही जनपद के विभिन्न विकासखंडों के प्रशिक्षण से छूटे प्रधानाध्यापकों को शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से शेष प्रधानाध्यापकों को भी विद्यालय नेतृत्व, प्रबंधन और शैक्षिक योजना से जुड़ी आवश्यक दक्षताओं से प्रशिक्षित किया जाएगा।

समर्थ प्रशिक्षण का छठा चरण शुरू

उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए संचालित समर्थ प्रशिक्षण का छठा चरण भी शुक्रवार से शुरू हुआ। इसमें जनपद के सभी विकासखंडों से प्रशिक्षण से छूटे प्रधानाध्यापकों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण में विद्यालय नेतृत्व, शैक्षिक योजना निर्माण, शिक्षक सहयोग एवं मार्गदर्शन, अधिगम आवश्यकताओं की पहचान, विद्यालय प्रबंधन, सामुदायिक सहभागिता तथा समावेशी एवं बाल-केंद्रित वातावरण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग पर विशेष सत्र

समर्थ प्रशिक्षण के तहत राजकीय मनोविज्ञानशाला, प्रयागराज से विशेषज्ञ डॉ. असित मौर्य ने प्रधानाध्यापकों को मानसिक स्वास्थ्य एवं वेल-बीइंग विषय पर विशेष प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विद्यालय में सकारात्मक वातावरण बनाने, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, स्वयं की देखभाल तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानाध्यापकों को बताया गया कि विद्यालय के नेतृत्वकर्ता के रूप में उनकी भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय में स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है।

प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में डॉ. देवेश सिंह यादव, सुरेश चन्द्र मिश्र, धीरज कुमार, डॉ. वंदना सिंह और डॉ. दिनेश कुमार यादव ने विषय विशेषज्ञ एवं संदर्भदाता के रूप में प्रशिक्षण दिया। सत्रों में गतिविधि आधारित और सहभागितापूर्ण शिक्षण पद्धतियों का प्रयोग किया गया। समूह चर्चा, गतिविधियों, अनुभव साझा करने और विद्यालय स्तर की वास्तविक परिस्थितियों के विश्लेषण के माध्यम से प्रधानाध्यापकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रधानाध्यापकों को विद्यालय की कार्यसंस्कृति बेहतर बनाने, शिक्षकों के बीच सहयोग बढ़ाने, विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने तथा शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रभावी नेतृत्व अपनाने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल को विद्यालय स्तर पर लागू करने तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।

अभिभावकों और समुदाय की सहभागिता बढ़ाने, शिक्षकों के सहयोगात्मक व्यावसायिक विकास तथा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में निरंतर सुधार को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। डायट के प्रवक्ताओं एवं संदर्भदाताओं द्वारा प्रशिक्षण की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है।

प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक निधि शुक्ला के निर्देशन तथा वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार के मार्गदर्शन में चल रहे सक्षम एवं समर्थ प्रशिक्षण के माध्यम से जनपद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रभावी शैक्षिक नेतृत्व, बेहतर विद्यालय प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के आगामी चरणों में छूटे हुए प्रधानाध्यापकों को शामिल किए जाने से इसके उद्देश्यों को जनपद के अधिक से अधिक विद्यालयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।